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रविवार, 7 मई 2023

ग़ज़ल ( अच्छी हो )

उलझन में सुलझी अच्छी हो
नटखट प्यारी सी अच्छी हो

हाँ! तो पहले ये बतलाओ
ये तुम क्यूँ इतनी अच्छी हो

सूरत, सीरत, लहज़ा, बोली
ये कैसे पूरी अच्छी हो

तुम अच्छी हो ये दिखता है
पर सुनने में भी अच्छी हो

तुम एक परी सी आई हो
तुम कुछ ज़्यादा ही अच्छी हो

हैरत में है दुनिया सारी
तुम अच्छी से भी अच्छी हो

साथ निभाओ तो मैं मानूँ
ग़र सच में इतनी अच्छी हो

~ अश्विनी यादव

गुरुवार, 20 अप्रैल 2023

हे मालिक

टिकटों की कालाबाज़ारी हे मालिक
अद्भुत तेरी सेवादारी हे मालिक

जन सेवक का चोला ओढ़े बैठे हो
अंदर से इतनी मक्कारी हे मालिक

हे मालिक ये कैसी तेरी माया है
फॉर्च्यूनर पर अटकी गाड़ी हे मालिक

सेवा करने आये थे जो नेतागण
मर्सडीज़ की करें सवारी हे मालिक

काम तुम्हारा देख के हैरत है हमको
गुंडे-लुच्चे रखते यारी हे मालिक

बाप बनाये शीश महल अपने खूँ से
बेटा बन बैठा व्यापारी हे मालिक

हाथ में गजरा- दारू लेकर बैठे हैं
अय्याशी की लगी बीमारी हे मालिक

मुँह में नोट दबाये ठुमका मार रहे
आपस में ही मारा-मारी हे मालिक

मज़दूर किसानों के वो सारे वादे
'चखना' भर की हिस्सेदारी हे मालिक

हर इक झंडा ढोने वाला क्यों न रोये
दल की ऐसी दुर्गति भारी हे मालिक

      ~ अश्विनी यादव

Note:- अदम गोंडवी साहब जी को पढ़ने के बाद प्रेरणा लेते हुए ये कविता। इसे किसी भी पार्टी से जोड़कर देखने वाले आहत न हों, ये मेरी लिखी जा रही एक किताब में से एक अंश है, जो कविता के रूप में है।

सोमवार, 10 अप्रैल 2023

कृपया लड़कियों और लड़कों को धार्मिक द्वेष में आकर तंग न करें।

फोटो, वीडियो से परेशान करने वाले
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सबसे पहले तो हाथ जोड़कर🙏 रिक्वेस्ट है कि ये सब न करिये किसी की भी ज़िन्दगी दाँव पर लग जाती है आपके ट्वीट्स से... आप भी आदमख़ोर बन जाए रहे हो कहीं न कहीं। शेयर न करें ऐसे वीडियोज को।👇

तमाम वीडियोज, फोटोज के पोस्ट आ रहे हैं जिसमें मुसलमान पुरुष ये दिखा रहे हैं कि ये लड़की मुस्लिम है और लड़का हिन्दू है। कई बार तो लड़की का बुर्का तलक उठाकर फेस दिखाने का प्रयास कर रहे हैं, लड़के के फेस के साथ गाड़ी का नम्बर और नम्बर से मिली पर्सनल डिटेल्स भी शेयर कर रहे हैं। कोई लड़का -लड़की मेट्रो में जा रहा है तू उन दोनों की फोटोज लेकर वायरल कर रहे हैं....

सब में भगवा ट्रैप, भगवा जिहाद और न जाने क्या क्या वाहियात चीज़ें हैशटैग में डाल रहे हैं। सबसे पहली बात तो किसी लड़की का चेहरा रिवील करना और थ्रेट देना, धमकी भरी बातें लिखना..  धर्म/मज़हब के चोले में उस लड़की और लड़के के प्रति पूरे समाज को भड़क।ना.. क्या ये सब अपर।ध की श्रेणी में नहीं आता है? आता है।
सबसे पहले तो ये तमाम अपरlधी घटिय।  म।नसिकता के लोग हमारे संविधान के अनुच्छेद 19 के ख़िलाफ़ जा रहे हैं। उसके बाद इन्हें धर्म के नाम पर ये सब काम करना शोभा देता है.?

अब तमाम टटपुँजिया लोग आकर ये कहेंगें कि फ़लाने नेता, ढिमका बाबा महोदय या कोई चुड़ैल चाची तो हमारे समाज के ख़िलाफ़ ये-वो बोलती है, गाली बकती है तो तुम क्यों नहीं बोलते हो..? तुम चुप क्यों रहते हो.?

तो प्रिय भाई बहन ये जान लो कि मैं सब पर बोलता हूँ और जिसमें सुधार की संभावना ही नहीं है उनको छोड़ दिया हूँ ऊपर वाले पर कि इनकी सज़ा तू ही तय कर ले। अब वो मैला खायेंगें गटर में उतर कर तो तुम काहे पीछे रहोगे.. तुम्हें भी खाने की ही चुल्ल मची है न।

अरे अगर किसी को ज़बरन परेशान करना, बुर्का उठाकर सरेआम बेइज़्ज़त करना, उसकी जान को ख़तरे में डालना सही लग रहा है तो वो किताब दिखाओ जिसमें ये जायज़ ठहराया गया है! न तो कोई धर्म और न ही कोई इंसानियत ये सब करने को कहती है।

सुधार लाइये, अगर कोई बालिग़ है तो आप उससे उसके अधिकार के ख़िलाफ़ मत जाइए, किसी के बाप मत बनने लगिये। अन्यथा सामने वाली पार्टी किसी दिन मज़बूत मिल गई न तो वहीं चौराहे पर लड़की और लड़का मिलकर चप्पलों से तुम्हारी ख़ातिरदारी भी कर देंगें... और हाँ फिर समझ आ जायेगा।

“देश संविधान से चलेगा” ये कहते हो न तो इस पर ख़ुद भी अमल करना सीखो।

         ~ अश्विनी यादव 

शनिवार, 25 फ़रवरी 2023

प्रेम, साहस और समर्पण की निशानी है ये शादी

 फिल्में, समाज का आईना होती हैं।

आपने विवाह मूवी देखी थी कि नहीं, आज उसे सच होता हुआ भी देखिये👇 💕💚


UP प्रतापगढ़ के कुंडा इलाके की रहने वाली आरती मौर्य की शादी नजदीक के ही गांव के अवधेश से तय हुई थी | 8 दिसंबर को बारात आनी थी | दोनों ही घरों में शहनाइयां बज रही थीं | परिवार के सदस्य और दूसरे मेहमान तैयार हो रहे थे, तभी दोपहर 1.00 बजे के करीब एक छोटे बच्चे को बचाने के चक्कर में दुल्हन आरती का पैर फिसल गया और वह छत से नीचे गिर गई | उसकी रीढ़ की हड्डी पूरी तरह टूट गई | कमर और पैर समेत शरीर के दूसरे हिस्सों में भी चोट आई | 


डॉक्टरों ने जब यह बताया कि फिलहाल वह अपंग हो गई है और कई महीने तक बिस्तर से नहीं हिल सकती तो सभी के होश उड़ गए | आरती के घर वाले और दूसरे लोगों को लगा कि लड़के वाले अब शादी तोड़ देंगे, क्योंकि इलाज के बावजूद उसके पूरी तरह ठीक होने की उम्मीद भी थोड़ी कम थी | परिवार वालों ने दूल्हे अवधेश और उसके घर वालों को दुल्हन आरती की छोटी बहन से शादी का ऑफर दिया, लेकिन उस वक्त दूल्हे अवधेश ने 

जो फैसला लिया, उसकी उम्मीद किसी को नहीं थी | किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि साधारण से परिवार का सामान्य सा नज़र आने वाला अवधेश जो कदम उठाएगा, वह उनकी सोच से परे होगा | अवधेश ने कहा कि वह इस हालत में भी न सिर्फ आरती को पत्नी के तौर पर अपनाएगा, बल्कि शादी भी उसी दिन तय वक़्त पर करेगा |


इसके बाद वह ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम के स




हारे इलाज करा रही आरती की मांग भरना चाहता था | अवधेश की जिद पर डाक्टरों की टीम से परमीशन लेकर आरती को दो घंटे बाद एम्बुलेंस से वापस घर लाया गया | उसे स्ट्रेचर पर लिटाकर शादी की रस्में अदा की गईं | ऑक्सीजन और ड्रिप लगी होने की सूरत में ही उसकी मांग भरी गई | आम दुल्हनों की तरह आरती की भी विदाई हुई | यह अलग बात है कि ससुराल जाने के बजाय वह वापस अस्पताल लाई गई | अगले दिन होने वाले ऑपरेशन के फॉर्म पर खुद अवधेश ने पति के तौर पर दस्तखत किए,


अवधेश  के विचारों को नमन 🌹 भगवान से प्रार्थना करते हैं कि अवधेश जी की पत्नी अति शीघ्र स्वस्थ और आनंदमय हो जाए 🙏🙏🏻


हम सबकी दुआएँ आपके साथ हैं।


दुल्हन के साथ एक्सीडेंट होना और दूल्हे का फिर भी साथ खड़े होना ये बेहद हिम्मत और अटूट प्रेम की निशानी है।


ये घटना पुरानी है। दिसम्बर 2020 की घटना है।

लेकिन काफ़ी इंस्पायरिंग स्टोरी है। इस नफ़रत, लालच और मौकापरस्त दुनिया में अगर प्यार का कोई एक जुगुनू भी दिखाई पड़े तो हमें उससे रौशनी लेने भरपूर कोशिश करनी चाहिए। उम्मीद करता हूँ कि “ एक वादे पर उम्र गुज़ार देने की बात ,, महज़ एक बात नहीं होती है। ये सच भी हो सकता इसका जीता जागता उदाहरण है। 


मैं ये नहीं कहता कि आपको ये करना चाहिए वो करना चाहिए... बस ये कहना चाहता हूँ कि जहाँ तक हो सके सच बोलिये, साथ रहने के वादे से न मुकरिये, अपनों का सहयोग करिये, परिवार का ख़्याल रखिये और रिश्तों के प्रति ईमानदार रहिये बस।


ये ख़बर पुरानी है, मैं इसे ज़रूर डिलीट कर देता लेकिन ये हिम्मत और प्रेम की मिसाल है.. किसी हीर-राँझा, किसी लैला-मजनूँ की कहानी से कम नहीं।


एक शे'र इस मुहब्बत के नाम...


“ तुझको दुनिया कह डाला हूँ

   अब और बता कितना चाहूँ ,,


                ~ अश्विनी यादव



मंगलवार, 21 फ़रवरी 2023

समझदार बनें, सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

⬇️✅समझदारी ही सुरक्षा है।

●○ यदि आप बाइक से कहीं जा रहे हैं तो सबसे पहली बात कि प्रयास करें हेलमेट लेकर चलें। सड़क पर गाय-सांड दिखें तो उनके बिल्कुल क़रीब से गाड़ी न निकालिए।
● ○सड़क के कुत्ते अगर आपके पीछे दौड़ें तो गाड़ी धीरे करके रुक जाइये और ऊँची आवाज में फटकार लगाइए।
●○ रात को कहीं पैदल जा रहे हैं तो छड़ी लेकर चलें। और सड़क के बिल्कुल किनारे से क्योंकि शराब के नशे में लोग लहराते हुए गाड़ी चलाते हैं।
● ○सड़क पर अगर चलते समय ज़रूरी फोन पर बात करना हो तो बाएँ हाथ में मोबाइल रखें।
● ○छोटे बच्चों को छत पर, या गली में खिड़की के पास या सीढ़ियों पर अकेले न छोड़ें। चील, कुत्ते, तेंदुआ आदि जानवर कब हमला कर दें कुछ पता नहीं।
●○ कार से कहीं सफ़र कर रहे हैं और रात के समय वीरान एरिया में कोई महिला या आदमी गाड़ी रोकने के लिए हाथ दे तो आप गाड़ी की स्पीड बढ़ा कर निकल जाइये क्योंकि 99% चांस है कि वहाँ आपको  लूटा ही जा सकता है।
●○अगर सम्भव है तो गाड़ी में कैमरा लगा लें।
●○घर के बच्चों को किसी बाहरी के भरोसे न छोड़ें, शादी ब्याह में इधर उधर न छोड़ें अपने पास ही रखें।
●○किसी नेता/इंसान के लिए ऐसी पोस्ट न लिखें जिससे कि आपको दिक़्क़त न हो जाये। अगर केस या कुछ और बात हो जाएगी तो कोई भी साथ खड़ा नहीं होने वाला है। नफ़रत के चक्कर में न पड़ें ये आपको कभी न कभी वापस ज़रूर मिलेगा।
●○यदि आपका मित्र शराब के नशे में हो और गाड़ी चलाने की जिद करे तो चाहे दोस्ती रहे या टूटे आप उसकी जिद के चक्कर में न पड़ें। और फिर भी वो चलाये तो झूठी दोस्ती के चक्कर में अपनी जान मत गवाएं। क्योंकि ये ज़िन्दगी आपके दोस्ती की दी हुई नहीं है बल्कि आपके माँ बाप की दी हुई है।

●ग़र भला नहीं कर सकते हैं तो बुरा भी न करें○

        ~ अश्विनी यादव
सहमत हैं तो शेयर करें।

शनिवार, 11 फ़रवरी 2023

नज़्म – तुम्हें अब भूल जाना है

तुम्हें ग़र भूल जाऊँ तो
मुझे कुछ चैन आ जाये
वो ही सब बात मुझको याद
अभी तक आ रही हैं पर
मुझे क्या भूल जाना है
ये सब भी याद रखना है
यही सब याद रहने में
नहीं कुछ भूल पाता हूँ
मगर अब भी गुज़ारिश है
ख़ुदा मुझ पर रहम कर दे
कि उसको भूल जाने में
ज़रा मेरी मदद कर दे
ये मेरी साँस ले ले तू
ये मेरा होश भी ले लो
मेरी आँखें मिरा ये दिल
मेरा साया मेरा ये नाम
तुम्हें जो भी ज़रूरत हो
मेरे मौला तू सब ले ले
मगर दर्दे-निहाँ से अब
रिहाई भी अता कर दे

  ~ अश्विनी यादव

सोमवार, 6 फ़रवरी 2023

ग़ज़ल

तुम्हारे दिल में भी तूफ़ाँ उठा है
हमें भी प्यार तुमसे हो चला है

किसी अय्यार जैसे हो गए हो
तुम्हारा नाम मुझको रट गया है

तुम्हारी बात भी अब टालने में
मुझे अब ख़ुद से लड़ना पड़ रहा है

अजब सी कश्मकश है ज़िन्दगी में
कि मेरा मैं ही मुझसे जा रहा है

अभी तक मैं यहाँ पर सो रहा हूँ
मगर पिंजड़े का पंछी उड़ गया है

     ~ अश्विनी यादव