कुल पेज दृश्य

social isse लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
social isse लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

सोमवार, 18 सितंबर 2023

ब्राह्मण और अन्य पर विचार...

आइये ब्राह्मण/पण्डित पर बात कर लेते हैं।

सबसे पहली बात मुझे जातिगत किसी से कभी भी दिक़्क़त नहीं हुई है और न ही जाति के कारण प्रेम बरसाया हूँ कभी। और हाँ अगर पोस्ट पूरी पढ़ेंगें तभी कमेंट में ज्ञान/राय देने आइयेगा नहीं तो ज़रूरत नहीं किसी की।

अब आते हैं मुद्दे पर, मैं किसी से जातिगत कारणों से भेदभाव नहीं कर सकता और न ही समर्थन। जो भी व्यक्ति मेरे पास में होता है वो मेरा होकर रहता है न कि मेरे नाम मेरी जाति या मेरी किसी भी प्रभावशाली चीज़ के चक्कर में हो। लोग मेरे क़िरदार को पसन्द करें बस ये ज़रूरी है साथ देने के लिये। अब दिक़्क़त ये है कि तमाम लोगों में से मुझे मेरी जाति के कुछ यार दोस्त बेहद पसंद करते हैं तो बदले में उनका हक़ है कि मैं भी उन्हें उनसे ज़्यादा पसन्द करूँ... वो लड़के मुझे अपना बड़ा भाई मानते हैं तो ज़ाहिर है कि वो मेरे लिए मेरे अपने ही हैं।

जब इंजीनियरिंग कर रहा था तो मेरे रूम में मैं पिछड़ी जाति का और एक पण्डित जी सामान्य वर्ग से और एक दलित समाज का भाई... हम तीनों साथ रहते थे। हम तीनों ने कभी ये महसूस ही नहीं किया कि जाति भी होती है कुछ आपस में। आज भी हम तीनों बराबर के दोस्त हैं। हम तीनों को पार्टी अलग पसन्द थीं, हम तीनों के नेता अलग थे, हम तीनों सोशल मीडिया पर भी अलग ही लिखा करते थे लेकिन हम तीनों में कुछ चीज़ कॉमन थी इंसानियत, साथ और प्रेम। इसलिए कह रहा हूँ न मुझे आज तक इन दोनों से कोई धोखा मिला है न ही कोई ऐसी बात हुई है कि मैं परेशान होऊं जातिगत। बचपन से ही मेरे साथ लगभग हर जाति के लोग पढ़ाई किये हैं।

हाँ लेकिन तमाम ब्राह्मण और पिछड़ी जातियों के लोग मिले हैं जो धोखा दे चुके हैं। अब दिक़्क़त इस बात की है कि धोखा देने वाले को जाति से नहीं बल्कि उसकी फितरत से पहचाना जाए।

अभी चंद दिनों पहले ही मेररी ही जाति के मेरे ही एक दोस्त ने अपनी 1 लाख+ फॉलोअर्स वाली id को एक मेरी ही जाति के लड़के से साझा किया। हमने उससे कहा कि भाई इससे भी ट्वीट कर दिया करो और आपके फॉलोअर्स कम हैं तो बढ़ जाएंगें धीरे धीरे। अब उसकी नज़र id चोरी करने पर थी, एक दिन उसने id का पासवर्ड से लेकर सब कुछ बदल दिया फिर डिएक्टिवेट कर दिया। साथ ही मेरे अकाउंट से लेकर मेरे जानने वाले हर एक को ब्लॉक कर दिया ताकि कोई सर्च न कर पाए। हम सब उससे बोले भी तो उसने साफ कह दिया कि भाई आप मेरी id ले लीजिए चाहे तो लेकिन ये मत कहिये मैंने चोरी किया है। बड़ा इनोशेन्ट बन रहा था.. खूब सारा नौटंकी किया... पर मैं उससे रिक्वेस्ट कर रहा था कि भाई दे दो क्या फ़ायदा ये सब आपस में करने का। चूँकि मेरे कहने पर उसको id मिली थी इसलिए मैं रिक्वेस्ट कर रहा था कि भाई वापस कर दो...

ख़ैर जाने दिया, उसने वापस नहीं किया... मैंने सारा कुछ भगवान पर छोड़ दिया और बोल दिया कि जो है सब राधे की मर्ज़ी है।
एक रात को हम और हमारा दोस्त बातें कर रहे थे कि भाई कल सुबह मैं उस आदमी पर केस करने वाला हूँ और यक़ीन करिये मैंने दो जगह पर थाना इंचार्ज से बात कर रखी थी कि कल इसकी वाट लगा देंगें। 15 दिन तक हम पता करते रहे फिर ये उसी केस की बात वाली रात को 3 बजे उसने id ओपन की तब जाकर हमने ट्विटर/X को ईमेल किया सब लिखकर, फिर वहाँ से ज़रूरी चीज़ें पूछी गईं और हमने सब प्रोवाइड करवा दिया...  सुबह 6 बजे तक id वापस मिल गयी हमें। अब उस यादव दोस्त को न तो id मिली और न ही कुछ मिला।
यहाँ जाति की बात नहीं है बात मक्कारी और खानदान की परवरिश का है। इसलिये जाति की बात नहीं है।

अब आते हैं ब्राह्मण और दलित साथियों पर तो ऐसे कई दोस्त मिले जो मौक़ापरस्ती में सबसे आगे रहे हैं, उन्हें अपने काम को बस निकालने से मतलब होता था। और सच कहूँ तो तमाम लोगों ने अपना उल्लू सीधा किया... लेकिन मैं फिर कह रहा हूँ बात परवरिश की है।

कई दोस्त आज भी ऐसे हैं जो जान लगा देंगे मेरे एक बार पुकारने पर ही। ये लोग जाति से भिन्न हैं पर प्रेम इतना अटूट है कि गर्व होता है मुझे। इसलिए जाति ज़रूरी नहीं है इंसान का इंसान होना ज़रूरी है।

मैं आरक्षण समर्थक हूँ, मेरे तमाम सवर्ण मित्र भी आरक्षण समर्थक हैं, और तमाम विरोध में... मैं आंबेडकर साहब से लेकर मैं लालू जी और मुलायम जी को मसीहा मानता हूँ, और मेरे कुछ लोग इन्हें पसन्द कम करते हैं तो क्या हुआ आख़िर।

सबकी अपनी सोच है सबको हक़ है। और रही बात ब्राह्मणों द्वारा शोषण किये जाने की तो यक़ीन मानिये जो भी जब भी जहाँ मज़बूत रहा है सबने शोषण किया है। इसलिये ब्राह्मणों पर आक्षेप लगाने से पहले हमें अपने भी दामन की तरफ़ देखना चाहिए।

अब ये मत कहना फ़लाने ने ये पोस्ट किया और आपने वो.. सबकी मर्ज़ी है अपनी।

राधे -राधे।

         ~ अश्विनी यादव

मंगलवार, 21 फ़रवरी 2023

समझदार बनें, सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

⬇️✅समझदारी ही सुरक्षा है।

●○ यदि आप बाइक से कहीं जा रहे हैं तो सबसे पहली बात कि प्रयास करें हेलमेट लेकर चलें। सड़क पर गाय-सांड दिखें तो उनके बिल्कुल क़रीब से गाड़ी न निकालिए।
● ○सड़क के कुत्ते अगर आपके पीछे दौड़ें तो गाड़ी धीरे करके रुक जाइये और ऊँची आवाज में फटकार लगाइए।
●○ रात को कहीं पैदल जा रहे हैं तो छड़ी लेकर चलें। और सड़क के बिल्कुल किनारे से क्योंकि शराब के नशे में लोग लहराते हुए गाड़ी चलाते हैं।
● ○सड़क पर अगर चलते समय ज़रूरी फोन पर बात करना हो तो बाएँ हाथ में मोबाइल रखें।
● ○छोटे बच्चों को छत पर, या गली में खिड़की के पास या सीढ़ियों पर अकेले न छोड़ें। चील, कुत्ते, तेंदुआ आदि जानवर कब हमला कर दें कुछ पता नहीं।
●○ कार से कहीं सफ़र कर रहे हैं और रात के समय वीरान एरिया में कोई महिला या आदमी गाड़ी रोकने के लिए हाथ दे तो आप गाड़ी की स्पीड बढ़ा कर निकल जाइये क्योंकि 99% चांस है कि वहाँ आपको  लूटा ही जा सकता है।
●○अगर सम्भव है तो गाड़ी में कैमरा लगा लें।
●○घर के बच्चों को किसी बाहरी के भरोसे न छोड़ें, शादी ब्याह में इधर उधर न छोड़ें अपने पास ही रखें।
●○किसी नेता/इंसान के लिए ऐसी पोस्ट न लिखें जिससे कि आपको दिक़्क़त न हो जाये। अगर केस या कुछ और बात हो जाएगी तो कोई भी साथ खड़ा नहीं होने वाला है। नफ़रत के चक्कर में न पड़ें ये आपको कभी न कभी वापस ज़रूर मिलेगा।
●○यदि आपका मित्र शराब के नशे में हो और गाड़ी चलाने की जिद करे तो चाहे दोस्ती रहे या टूटे आप उसकी जिद के चक्कर में न पड़ें। और फिर भी वो चलाये तो झूठी दोस्ती के चक्कर में अपनी जान मत गवाएं। क्योंकि ये ज़िन्दगी आपके दोस्ती की दी हुई नहीं है बल्कि आपके माँ बाप की दी हुई है।

●ग़र भला नहीं कर सकते हैं तो बुरा भी न करें○

        ~ अश्विनी यादव
सहमत हैं तो शेयर करें।