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शनिवार, 25 फ़रवरी 2023

प्रेम, साहस और समर्पण की निशानी है ये शादी

 फिल्में, समाज का आईना होती हैं।

आपने विवाह मूवी देखी थी कि नहीं, आज उसे सच होता हुआ भी देखिये👇 💕💚


UP प्रतापगढ़ के कुंडा इलाके की रहने वाली आरती मौर्य की शादी नजदीक के ही गांव के अवधेश से तय हुई थी | 8 दिसंबर को बारात आनी थी | दोनों ही घरों में शहनाइयां बज रही थीं | परिवार के सदस्य और दूसरे मेहमान तैयार हो रहे थे, तभी दोपहर 1.00 बजे के करीब एक छोटे बच्चे को बचाने के चक्कर में दुल्हन आरती का पैर फिसल गया और वह छत से नीचे गिर गई | उसकी रीढ़ की हड्डी पूरी तरह टूट गई | कमर और पैर समेत शरीर के दूसरे हिस्सों में भी चोट आई | 


डॉक्टरों ने जब यह बताया कि फिलहाल वह अपंग हो गई है और कई महीने तक बिस्तर से नहीं हिल सकती तो सभी के होश उड़ गए | आरती के घर वाले और दूसरे लोगों को लगा कि लड़के वाले अब शादी तोड़ देंगे, क्योंकि इलाज के बावजूद उसके पूरी तरह ठीक होने की उम्मीद भी थोड़ी कम थी | परिवार वालों ने दूल्हे अवधेश और उसके घर वालों को दुल्हन आरती की छोटी बहन से शादी का ऑफर दिया, लेकिन उस वक्त दूल्हे अवधेश ने 

जो फैसला लिया, उसकी उम्मीद किसी को नहीं थी | किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि साधारण से परिवार का सामान्य सा नज़र आने वाला अवधेश जो कदम उठाएगा, वह उनकी सोच से परे होगा | अवधेश ने कहा कि वह इस हालत में भी न सिर्फ आरती को पत्नी के तौर पर अपनाएगा, बल्कि शादी भी उसी दिन तय वक़्त पर करेगा |


इसके बाद वह ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम के स




हारे इलाज करा रही आरती की मांग भरना चाहता था | अवधेश की जिद पर डाक्टरों की टीम से परमीशन लेकर आरती को दो घंटे बाद एम्बुलेंस से वापस घर लाया गया | उसे स्ट्रेचर पर लिटाकर शादी की रस्में अदा की गईं | ऑक्सीजन और ड्रिप लगी होने की सूरत में ही उसकी मांग भरी गई | आम दुल्हनों की तरह आरती की भी विदाई हुई | यह अलग बात है कि ससुराल जाने के बजाय वह वापस अस्पताल लाई गई | अगले दिन होने वाले ऑपरेशन के फॉर्म पर खुद अवधेश ने पति के तौर पर दस्तखत किए,


अवधेश  के विचारों को नमन 🌹 भगवान से प्रार्थना करते हैं कि अवधेश जी की पत्नी अति शीघ्र स्वस्थ और आनंदमय हो जाए 🙏🙏🏻


हम सबकी दुआएँ आपके साथ हैं।


दुल्हन के साथ एक्सीडेंट होना और दूल्हे का फिर भी साथ खड़े होना ये बेहद हिम्मत और अटूट प्रेम की निशानी है।


ये घटना पुरानी है। दिसम्बर 2020 की घटना है।

लेकिन काफ़ी इंस्पायरिंग स्टोरी है। इस नफ़रत, लालच और मौकापरस्त दुनिया में अगर प्यार का कोई एक जुगुनू भी दिखाई पड़े तो हमें उससे रौशनी लेने भरपूर कोशिश करनी चाहिए। उम्मीद करता हूँ कि “ एक वादे पर उम्र गुज़ार देने की बात ,, महज़ एक बात नहीं होती है। ये सच भी हो सकता इसका जीता जागता उदाहरण है। 


मैं ये नहीं कहता कि आपको ये करना चाहिए वो करना चाहिए... बस ये कहना चाहता हूँ कि जहाँ तक हो सके सच बोलिये, साथ रहने के वादे से न मुकरिये, अपनों का सहयोग करिये, परिवार का ख़्याल रखिये और रिश्तों के प्रति ईमानदार रहिये बस।


ये ख़बर पुरानी है, मैं इसे ज़रूर डिलीट कर देता लेकिन ये हिम्मत और प्रेम की मिसाल है.. किसी हीर-राँझा, किसी लैला-मजनूँ की कहानी से कम नहीं।


एक शे'र इस मुहब्बत के नाम...


“ तुझको दुनिया कह डाला हूँ

   अब और बता कितना चाहूँ ,,


                ~ अश्विनी यादव



मंगलवार, 21 फ़रवरी 2023

समझदार बनें, सतर्क रहें, सुरक्षित रहें

⬇️✅समझदारी ही सुरक्षा है।

●○ यदि आप बाइक से कहीं जा रहे हैं तो सबसे पहली बात कि प्रयास करें हेलमेट लेकर चलें। सड़क पर गाय-सांड दिखें तो उनके बिल्कुल क़रीब से गाड़ी न निकालिए।
● ○सड़क के कुत्ते अगर आपके पीछे दौड़ें तो गाड़ी धीरे करके रुक जाइये और ऊँची आवाज में फटकार लगाइए।
●○ रात को कहीं पैदल जा रहे हैं तो छड़ी लेकर चलें। और सड़क के बिल्कुल किनारे से क्योंकि शराब के नशे में लोग लहराते हुए गाड़ी चलाते हैं।
● ○सड़क पर अगर चलते समय ज़रूरी फोन पर बात करना हो तो बाएँ हाथ में मोबाइल रखें।
● ○छोटे बच्चों को छत पर, या गली में खिड़की के पास या सीढ़ियों पर अकेले न छोड़ें। चील, कुत्ते, तेंदुआ आदि जानवर कब हमला कर दें कुछ पता नहीं।
●○ कार से कहीं सफ़र कर रहे हैं और रात के समय वीरान एरिया में कोई महिला या आदमी गाड़ी रोकने के लिए हाथ दे तो आप गाड़ी की स्पीड बढ़ा कर निकल जाइये क्योंकि 99% चांस है कि वहाँ आपको  लूटा ही जा सकता है।
●○अगर सम्भव है तो गाड़ी में कैमरा लगा लें।
●○घर के बच्चों को किसी बाहरी के भरोसे न छोड़ें, शादी ब्याह में इधर उधर न छोड़ें अपने पास ही रखें।
●○किसी नेता/इंसान के लिए ऐसी पोस्ट न लिखें जिससे कि आपको दिक़्क़त न हो जाये। अगर केस या कुछ और बात हो जाएगी तो कोई भी साथ खड़ा नहीं होने वाला है। नफ़रत के चक्कर में न पड़ें ये आपको कभी न कभी वापस ज़रूर मिलेगा।
●○यदि आपका मित्र शराब के नशे में हो और गाड़ी चलाने की जिद करे तो चाहे दोस्ती रहे या टूटे आप उसकी जिद के चक्कर में न पड़ें। और फिर भी वो चलाये तो झूठी दोस्ती के चक्कर में अपनी जान मत गवाएं। क्योंकि ये ज़िन्दगी आपके दोस्ती की दी हुई नहीं है बल्कि आपके माँ बाप की दी हुई है।

●ग़र भला नहीं कर सकते हैं तो बुरा भी न करें○

        ~ अश्विनी यादव
सहमत हैं तो शेयर करें।

शनिवार, 11 फ़रवरी 2023

नज़्म – तुम्हें अब भूल जाना है

तुम्हें ग़र भूल जाऊँ तो
मुझे कुछ चैन आ जाये
वो ही सब बात मुझको याद
अभी तक आ रही हैं पर
मुझे क्या भूल जाना है
ये सब भी याद रखना है
यही सब याद रहने में
नहीं कुछ भूल पाता हूँ
मगर अब भी गुज़ारिश है
ख़ुदा मुझ पर रहम कर दे
कि उसको भूल जाने में
ज़रा मेरी मदद कर दे
ये मेरी साँस ले ले तू
ये मेरा होश भी ले लो
मेरी आँखें मिरा ये दिल
मेरा साया मेरा ये नाम
तुम्हें जो भी ज़रूरत हो
मेरे मौला तू सब ले ले
मगर दर्दे-निहाँ से अब
रिहाई भी अता कर दे

  ~ अश्विनी यादव

सोमवार, 6 फ़रवरी 2023

ग़ज़ल

तुम्हारे दिल में भी तूफ़ाँ उठा है
हमें भी प्यार तुमसे हो चला है

किसी अय्यार जैसे हो गए हो
तुम्हारा नाम मुझको रट गया है

तुम्हारी बात भी अब टालने में
मुझे अब ख़ुद से लड़ना पड़ रहा है

अजब सी कश्मकश है ज़िन्दगी में
कि मेरा मैं ही मुझसे जा रहा है

अभी तक मैं यहाँ पर सो रहा हूँ
मगर पिंजड़े का पंछी उड़ गया है

     ~ अश्विनी यादव

मंगलवार, 20 दिसंबर 2022

आज़ाद की औलाद पर गोलियाँ

आज़ाद की औलाद पर
तुम गोलियां चलवा रहे
हाँ मगर ये ध्यान रखना
ग़र ये पलट जायेंगें फिर तो
भागने को दौड़ने को
सर छुपाने के लिए भी
ये ज़मीं भी कम पड़ जाएगी
तुम सभी के वास्ते
डायर की कायर औलादों
थोड़ा सब्र रखो तुम सब
लगता है कि इंक़लाब का
तुमको सबक नहीं मिला होगा
हर गोली के हर छर्रे का
फूटे माथे के हर कतरे का
तुमको हर्ज़ाना देना है
हर लाठी और हर गाली का
पूरा ज़ुर्माना भरना है
हक़ लेना आता है हमको
हम सब चुकता कर लेंगें ही
तू क्या तेरा बाप डरेगा
अब कॉलर को छूने से भी
उठो ओ लड़को मालिश छोड़ों
अपने दामन को भी देखो
जी हुजूरी बन्द करो बे
लड़कर अपना हिस्सा कब लोगे..

   ~ अश्विनी यादव

सोमवार, 27 जून 2022

मदद हमें ख़ुशी देती है, इंसान बनाती है

“ मदद ख़ुशी देती है ,,

आज एक होटल में खाना खाने गया, मैं अक्सर वहाँ जाता रहता हूँ। मैं खाना खा रहा था तो देखा कि एक  बुजुर्ग गन्दे कपड़े में होटल के बाहर खड़े थे... काफी हिचकिचाहट के बाद वो अंदर आये और एक टेबल पर बैठ गए।फिर थोड़ी देर सोचने के बाद उन्होंने कहा “ दाल चावल है,,

होटल वाले ने मुँह बनाते हुए ऊँचे स्वर में पूरी थाली का जो रेट है उस दाम पर केवल चावल दाल का बता दिया यानी दोगुना रेट। अब बाबा चुप से बैठ गए।मैंने खाना खाते खाते मालिक से कहा कि “ अरे यार दाल चावल का उन्होंने पूछा था और आप क्या बता रहे हैं, और लड़के जो खा रहे थे देखने लगे।

मालिक अपना काम करते हुए बड़बड़ाया कि अब ये ही रेट है।
मैं: अब क्या ग़रीबों को खाने नहीं दोगे यार?
एक मिनट बाद मेरी नज़र बाबा की तरफ़ पड़ी तो वो मुझे देख रहे थे.. और मैं उस मालिक की सोच पर तरस आ रहा था.. कि जब कोई पैसे भी देना चाहता है तो उसे रेट इतना ज़्यादा क्यों बता दिया।

मैंने बाबा से पूछा कि ये मैं जो पूड़ी खा रहा हूँ ये खायेंगें या दाल चावल रोटी...?
बाबा: ये ही ठीक है। ( बड़े धीरे से )

फिर मैंने भी मालिक के उसी लहज़े में उससे एक और थाली लगाने के लिए कहा... तब तक मैं खा चुका था। जब बाबा के सामने थाली आ गयी तब तक मैं हाथ धोकर आ चुका था।

मैंने हम दोनों का पेमेंट किया, और फिर बाबा से पूछा कुछ और चाहिए, बोले नहीं।मैंने उनको बताया कि पैसे मत देना इनको।

अब वहाँ के लड़के मुझे अजीब तरह से देख रहे थे। मैं ख़ुश था कि किसी को सम्मान मिला, जगह मिली।
मालिक से मैं अक्सर प्यार से बात करता था लेकिन आज उसे देख चिढ़न हुई।

मेरे इस पोस्ट का केवल एक मतलब है कि हक़ दिलाइये, सम्मान दिलवाइये और हाँ जो सम्भव मदद हो सके, कीजिये। और हाँ जहाँ ज़रूरी न लगे वहाँ  तस्वीरें तो बिल्कुल न लीजिये।

हम इंसान हैं सो इंसान की तरह पेश आना चाहिए, अमीरी-ग़रीबी कभी सदियों का तो कभी बस चंद लम्हों का खेल है।
किसी के लिए स्टैंड लीजिये, मदद करके देखिये... बड़ी ख़ुशी की अनुभूति होती है।

    
         ~ अश्विनी यादव

शनिवार, 30 अप्रैल 2022

नज़्म ~ फिर युद्ध नहीं होंगे

कोई भी दीवार
नहीं रोक सकती
प्रेम, परिंदे, गीत

कोई भी युद्ध
नहीं ला सकता
शांति, सुकूँ, मुस्कान

हम ज़्यादा से ज़्यादा
बात करें
और प्रेम करें
तब यक़ीनन सदियों तक
कोई युद्ध नहीं होंगे।

~ अश्विनी यादव