कुल पेज दृश्य

love poetry for karwachauth लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
love poetry for karwachauth लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, 24 अक्टूबर 2021

नज़्म ~ करवाचौथ

मेरे लाख मना करने पर
रख लेती है व्रत तू अक्सर
उफ़्फ़ ये तेरे जैसे पागल
प्यार मुझे कितना करते हैं
तू बात मेरी भी माना कर
अपनी सेहत को देखा कर
लेकिन तुझको ये जँचता है
जो जँचता है सब अच्छा है
तू ख़ुश है तो मैं भी ख़ुश हूँ
चौथ मना ग़र यार ख़ुशी है
 

     ~ अश्विनी यादव